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आत्मतीर्थ - श्री शंकराचार्य के जीवन चरित तथा उपदेश (एक स्वतंत्र वेदान्त कृति)

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Price: ₹ 500.00

आत्मतीर्थ एक पवित्र ग्रन्थ है जो हिन्दू धर्म के महानतम आचार्य श्री शंकर भगवत्पाद के जीवन और उपदेशों को प्रकट करता है। यह एक पारम्परिक ऐतिहासिक जीवनी नहीं है; परन्तु एक भव्य और स्वतंत्र कृति है जिसके प्रत्येक पृष्ठ में उत्कृष्ट वेदान्त-तत्त्व उपलब्ध हैं। जैसे-जैसे उदात्त गुरु का जीवन प्रत्यक्ष होता है हमारे हृदय में गूढ़ आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि की झलकें पथ को प्रकाशित करती जाती हैं। उपदेशों के वैभव और गुरु की महिमा गहन  आन्तरिक शान्ति के द्वार खोलती है, जिससे हमें अपने वास्तविक स्वरूप का अवलोकन मिलता है। 

इस कथा के माध्यम से  सच्चे साधक के मन में वेदान्त और आध्यात्मिक साधना के बारे में उठने वाले संदेहों को धीरे-धीरे दूर किया जाता है। तत्पर पाठक को प्रबुद्ध ऋषि के साथ केरल से केदार तक की पवित्र तीर्थयात्रा पर ले जाया जाता है। इस दिव्य जीवन में लीन होने पर भक्ति, ज्ञान और वैराग्य स्वाभाविक रूप से हृदय में समा जाते हैं। 
इस कृति में आचार्य की दिव्य कथा को नए दृष्टिकोंण से प्रस्तुत किया गया है। ऐतिहासिक विवरणों से परे, प्रत्येक प्रसंग की पृष्ठभूमि को प्रकाशित करने के साथ-साथ  आत्म-साक्षात्कार के सर्वोच्च लक्ष्य को सदैव ध्यान में रखा गया है। वास्तव में यही आध्यात्मिक भारत की, सनातन धर्म की, कहानी है।

इस ग्रन्थ में पचास से अधिक सुंदर चित्र हैं,  जो इसके हृदयस्पर्शी और भक्तिमय प्रभाव को और भी बढ़ाते हैं। आचार्य के शाश्वत उपदेशों और दिव्य कृतियों को कथा के साथ सुंदर ढंग से पिरोया गया है। इसका प्रभाव ऐसा है कि पाठक न केवल पढ़ पाते हैं परन्तु आन्तरिक रूप से महान गुरु के पवित्र जीवन में भागीदार भी बनते हैं।
प्रत्येक हिन्दू को इस ग्रन्थ का अध्ययन गर्व से करना चाहिए। यह एक महान और सार्थक उपहार भी है, जो आनेवाली पीढ़ियों को प्रेरित करने में सक्षम है।

Available in English, Malayalam, Hindi, Tamil, Kannada, French and Swedish.

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